विनोद धीमान। आंध्र प्रदेश के एलुरु जिले से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहाँ एक कर्मचारी ने अपने ही मालिक से बदला लेने के लिए करोड़ों की चोरी को अंजाम दे दिया। यह घटना इसलिए भी हैरान करने वाली है क्योंकि आरोपी कोई पेशेवर अपराधी नहीं, बल्कि एक सामान्य कर्मचारी था, जिसने भावनात्मक आक्रोश में यह कदम उठाया।
पुलिस के अनुसार, यह घटना सितंबर 2025 की है। आरोपी की पहचान उमा महेश के रूप में हुई है, जो अपनी पत्नी के साथ एलुरु स्थित ‘कनक दुर्गा फाइनेंस’ नामक कंपनी में काम करता था। आरोप है कि कंपनी के मालिक ने उमा महेश की पत्नी के साथ अभद्र व्यवहार किया था। इस घटना से उमा महेश बेहद आहत और क्रोधित हो गया। उसने कानूनी रास्ता अपनाने के बजाय अपने मालिक को मानसिक रूप से तोड़ने की योजना बनाई।
पुलिस जांच में सामने आया कि उमा महेश ने कंपनी से करीब 4.5 किलोग्राम सोना चुरा लिया, जिसकी बाजार कीमत लगभग ₹7 करोड़ बताई जा रही है। चोरी के बाद वह अचानक गायब हो गया, जिससे कंपनी प्रबंधन और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने विशेष टीमें गठित कर उसकी तलाश शुरू की।
लगभग चार महीने तक चले व्यापक तलाशी अभियान के बाद जनवरी 2026 में पुलिस ने उमा महेश को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान उसने स्वीकार किया कि उसका उद्देश्य चोरी के जरिए अमीर बनना नहीं था। उसने बताया कि वह अपने मालिक को उसी तरह मानसिक पीड़ा देना चाहता था, जैसी पीड़ा उसे अपनी पत्नी के अपमान के बाद हुई थी।
पुलिस ने आरोपी के पास से लगभग पूरा सोना बरामद कर लिया है। जांच में यह भी सामने आया कि उसने सोने का कोई बड़ा हिस्सा न तो बेचा और न ही खर्च किया। उसने केवल 6 ग्राम की एक अंगूठी अपने निजी इस्तेमाल के लिए रखी थी। बाकी सोना सुरक्षित स्थानों पर छिपाकर रखा गया था।
फिलहाल पुलिस ने आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है और कंपनी मालिक के खिलाफ लगाए गए आरोपों की भी अलग से जांच की जा रही है। यह मामला न सिर्फ अपराध की गंभीरता को दर्शाता है, बल्कि कार्यस्थलों पर सम्मान और सुरक्षा के मुद्दे पर भी कई सवाल खड़े करता है।



